रायपुर – राजधानी रायपुर में सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाने और बसों के जरिए होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला के निर्देश पर सोमवार को सिविल लाइन स्थित सी/4 भवन में शहर के 20 से अधिक बस संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बस संचालकों को सुरक्षा, सत्यापन और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) गौरव मण्डल एवं अनुज कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त संजय सिंह और नरेश पटेल सहित एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि, विशेषकर नशे की तस्करी के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
पुलिस ने बस संचालकों को निर्देश दिया कि वे अपने यहां कार्यरत सभी चालक, परिचालक (क्लीनर) और अन्य कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराएं। कर्मचारियों के आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल नंबर, स्थायी व वर्तमान पता, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेजों का रिकॉर्ड अद्यतन रखा जाए। बिना पुलिस सत्यापन किसी भी नए कर्मचारी को काम पर नहीं रखने की सख्त सलाह दी गई।
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में नारकोटिक ड्रग्स एवं साइकोट्रॉपिक पदार्थों (NDPS) की तस्करी रोकना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यदि किसी यात्री, पार्सल या अन्य माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका हो तो तत्काल नजदीकी थाना, पुलिस कंट्रोल रूम या एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना देने के निर्देश दिए गए।
पार्सल सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। बस संचालकों से कहा गया कि बिना नाम, पहचान या वैध प्रेषक एवं प्राप्तकर्ता विवरण वाले किसी भी पार्सल को स्वीकार न करें। सभी पार्सलों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए और यदि कोई संदिग्ध बैग, लावारिस सामान या विस्फोटक जैसी वस्तु दिखाई दे तो उसे स्वयं खोलने की बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दी जाए।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों का आवश्यक विवरण दर्ज करने, संदिग्ध पहचान वाले व्यक्तियों पर नजर रखने और किसी भी असामान्य गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने के लिए कहा गया। साथ ही बस स्टैंड और बसों में लगे सीसीटीवी कैमरों को हर समय चालू और क्रियाशील रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के अंत में सभी बस संचालकों ने पुलिस के दिशा-निर्देशों का पालन करने, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
पुलिस का संदेश साफ है—सुरक्षित सफर, सतर्क बस संचालक और मजबूत पुलिस समन्वय ही अपराध और नशे की तस्करी पर प्रभावी रोक का सबसे बड़ा हथियार बनेगा।
