छत्तीसगढ़ – जशपुर जिले के कांसाबेल थाना क्षेत्र में दर्ज एक संवेदनशील पॉक्सो मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी पिता कलेश्वर राम विश्वकर्मा (42) को अपनी ही नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) एवं विशेष न्यायालय (पॉक्सो) के न्यायाधीश जनार्दन खरे ने सुनाया।
पुलिस के अनुसार, 2 मई 2026 को पीड़िता की मां ने थाना कांसाबेल में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका पति पिछले तीन वर्षों से अपनी नाबालिग बेटी के साथ लगातार दुष्कर्म कर रहा था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में थाना कांसाबेल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता की सुरक्षा, चिकित्सीय परीक्षण, न्यायालयीन बयान और अन्य आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कीं। जांच पूरी कर 17 जून 2026 को न्यायालय में चालान पेश किया गया।
मामले की विवेचना थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने की, जबकि विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार तिर्की ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति जशपुर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, समयबद्ध विवेचना और प्रभावी अभियोजन के जरिए दोषियों को कठोरतम सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
