रायपुर – छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने लंबे समय से परमिट का नवीनीकरण नहीं कराने वाले यात्री वाहन संचालकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 38 स्थायी अनुज्ञापत्र (परमिट) निरस्त कर दिए हैं। परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कदम विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने और निष्क्रिय परमिटों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विभाग ने बताया कि राज्य में कई ऐसे यात्री वाहन संचालक थे, जिन्होंने वर्षों पहले प्राप्त परमिट का निर्धारित समय पर नवीनीकरण नहीं कराया। इसके बावजूद वे परमिट रिकॉर्ड में दर्ज थे, जिससे प्रशासनिक कार्यों और यातायात व्यवस्था के संचालन में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो रही थीं। इसी स्थिति को देखते हुए परिवहन विभाग ने ऐसे सभी मामलों की समीक्षा कर कार्रवाई प्रारंभ की।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, परिवहन विभाग ने इस संबंध में सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया। संबंधित वाहन संचालकों को नोटिस जारी किए गए तथा अपनी बात रखने का पूरा अवसर भी प्रदान किया गया। विभाग की वेबसाइट पर सूची प्रकाशित कर दावे एवं आपत्तियां भी आमंत्रित की गईं। इसके लिए 38 दिनों का पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर किसी भी अनुज्ञापी द्वारा न तो नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया और न ही किसी प्रकार का दावा या आपत्ति दर्ज कराई गई।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-81 के तहत यात्री वाहनों के परमिट का समय-समय पर नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। यदि निर्धारित अवधि में नवीनीकरण नहीं कराया जाता है तो संबंधित परमिट को निरस्त किए जाने का प्रावधान है। इसी कानूनी व्यवस्था के तहत राज्य परिवहन प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न मार्गों पर संचालित 38 स्थायी अनुज्ञापत्रों को निरस्त करने का आदेश जारी किया है।
विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई से परिवहन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित होगी। साथ ही निष्क्रिय परमिटों का रिकॉर्ड भी अद्यतन होगा, जिससे भविष्य में नए आवेदकों को परमिट आवंटन की प्रक्रिया आसान और प्रभावी बन सकेगी। इससे सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के बेहतर संचालन में भी सहायता मिलेगी।
परिवहन आयुक्त कार्यालय ने सभी यात्री वाहन संचालकों से अपील की है कि वे अपने परमिट, फिटनेस, टैक्स और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का समय पर नवीनीकरण कराते रहें। नियमों की अनदेखी करने पर भविष्य में भी इसी प्रकार की वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने साफ किया है कि परिवहन व्यवस्था को नियमबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
