नवा रायपुर – छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 87वीं मंडल सम्मिलन बैठक मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में अध्यक्ष अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश की आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं के विस्तार, नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने, भवनों की सुरक्षा, राजस्व प्रावधानों और आधुनिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंडल के स्वामित्व वाली चिन्हित भूमियों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की स्वीकृति दी गई। इसके लिए डिजाइन, वित्त पोषण, उपकरणों की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण, कमीशनिंग, संचालन और रखरखाव की व्यवस्था लाइसेंस फीस मॉडल के तहत की जाएगी। एजेंसी को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भूमि उपयोग का अधिकार दिया जाएगा।
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना जरूरी है। मंडल की विभिन्न आवासीय योजनाओं और प्रमुख क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होने से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को भी राहत मिलेगी।
बहुमंजिला भवनों में फायर सेफ्टी ऑडिट
बैठक में बहुमंजिला आवासीय और वाणिज्यिक भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। भवनों में उपलब्ध फायर सेफ्टी सिस्टम की नियमित जांच, निर्धारित मानकों के अनुपालन और फायर एनओसी की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की मंजूरी दी गई है।
इसके लिए नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के भाग-4 तथा छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपात सेवा अधिनियम, 2018 के अनुरूप फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। योग्य फायर सेफ्टी ऑडिटरों और फर्मों के एम्पेनलमेंट की प्रक्रिया भी स्वीकृत की गई है।
इस व्यवस्था के तहत मंडल के बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाएगी।
बकायेदार हितग्राहियों को 50 प्रतिशत तक राहत
बैठक में मंडल के हितग्राहियों को राहत देने वाला निर्णय भी लिया गया। बकाया राशि एकमुश्त जमा करने वाले हितग्राहियों को विलंबित अवधि के ब्याज तथा वाटर चार्ज के सरचार्ज में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया गया है। इससे लंबित भुगतान करने वाले हितग्राहियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
आवासीय योजनाओं के लिए करीब 55 करोड़ की मंजूरी
बैठक में प्रदेश की विभिन्न आवासीय योजनाओं के अंतर्गत विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे आवासीय सुविधाओं के विस्तार और आवश्यक निर्माण कार्यों को गति मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
इसके अलावा शैक्षणिक प्रयोजन के लिए आरक्षित भूखंडों के आवंटन संबंधी निर्देश-2026 में विकसित भूमि के प्रीमियम में आंशिक संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
क्वींस क्लब का संचालन PPP मॉडल पर
बैठक में रायपुर के क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन और रखरखाव के लिए लाइसेंस आधार पर पीपीपी मोड में एजेंसी नियुक्त करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
वहीं मंडल की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के हस्तांतरण से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए बिना विक्रय अनुमति के भवन या भूखंड बेचने की स्थिति में हस्तांतरण/नामांतरण शुल्क दोगुना भारित कर हस्तांतरण अथवा नामांतरण करने की स्वीकृति दी गई।
बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण, विशेष सचिव आवास एवं पर्यावरण देवेंद्र भारद्वाज, उप सचिव वित्त ऋषभ पाराशर, नगर तथा ग्राम निवेश के संदीप बांगड़े, जी.आर. रावटे, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी हितेश बोराड तथा क्षेत्रीय प्रमुख हुडको सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
