रायपुर – उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई और तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल छोटे विक्रेताओं तक ही कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन, आपूर्ति, वितरण और विक्रय से जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसकी जड़ों पर प्रहार किया जाए। नशे के कारोबार को संचालित करने वाले बड़े तस्करों, वित्तीय सहयोगियों और संगठित गिरोहों के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उप मुख्यमंत्री शर्मा आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं नियंत्रण के संबंध में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने सभी जिलों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) एक्ट के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों, मादक पदार्थों की जब्ती, तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई, संपत्ति कुर्की, वाहनों के राजसातीकरण और जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण की जिलावार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई केवल प्रकरण दर्ज करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके पूरे आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क को समाप्त करने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आने चाहिए।
नशे के विरुद्ध अभियान देशभक्ति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नशे के विरुद्ध अभियान समाज और देश की सेवा के साथ ही देशभक्ति का कार्य है। देशभर में नशे के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतें भारत की युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में धकेलने का प्रयास कर रही हैं। ऐसी परिस्थितियों में युवाओं को नशे से बचाना और उनके भविष्य को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई पूरी प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ लड़ी जाए। इस अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज में नशे के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता विकसित हो सके।
नशे के कारोबार की पूरी सप्लाई चेन की जांच करें
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने निर्देश दिए कि गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े प्रकरणों की विस्तृत मैपिंग की जाए। प्रत्येक मामले में मादक पदार्थों के स्रोत, परिवहन मार्ग, आपूर्ति करने वालों, स्थानीय विक्रेताओं और पूरे कारोबार को नियंत्रित करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि केवल मादक पदार्थ ले जाने वाले वाहक अथवा छोटे पैडलरों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके पीछे सक्रिय बड़े कारोबारियों और संगठित नेटवर्क तक पहुंचकर उन्हें समाप्त करना आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक प्रकरण में उत्पादन से लेकर अंतिम विक्रय तक की पूरी श्रृंखला की जांच की जाए।
नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति पर होगी कार्रवाई
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कुर्की एवं जब्ती की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट और सफेमा (SAFEMA) के अंतर्गत की गई कार्रवाइयों की समीक्षा करते हुए संबंधित प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा ।
उन्होंने नशे के कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहन जांच के लिए विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में चार्टर्ड अकाउंटेंट तथा अन्य वित्तीय एवं विधिक विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, ताकि अवैध कारोबार से अर्जित धन, संपत्तियों और वित्तीय नेटवर्क की जांच प्रभावी ढंग से की जा सके। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबारियों के आर्थिक तंत्र पर प्रभावी प्रहार करना इस अवैध व्यापार को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सूखे नशे के खिलाफ सख्ती, मेडिकल स्टोरों की होगी नियमित जांच
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रदेश में सूखे नशे और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ समन्वय स्थापित कर मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच और निगरानी करने को कहा। विशेष रूप से स्कूलों, कॉलेजों तथा युवाओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से नशीले कैप्सूल, प्रतिबंधित दवाओं तथा नशे के लिए उपयोग की जाने वाली सिरिंज एवं नीडल का विक्रय करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। प्रत्येक जिले में ऐसे संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया जाए, जहां नशे का अवैध कारोबार अथवा सेवन किए जाने की शिकायतें मिलती हैं। इन स्थानों का नियमित निरीक्षण कर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए।
नशे की तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को राजसात कर नीलामी की प्रक्रिया तेज करें
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने मादक पदार्थों के अवैध परिवहन में प्रयुक्त वाहनों के राजसातीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब्त वाहनों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए राजसातीकरण और नीलामी की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर आगामी तीन माह में अधिक से अधिक पात्र प्रकरणों में राजसातीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ऐसे मामलों को संबंधित विशेष न्यायालयों में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने तथा न्यायालयीन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। नशे के अवैध परिवहन अथवा तस्करी के दौरान पुलिस बल पर हमला करने वाले आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
31 दिसंबर तक पुराने जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण के लिए विशेष अभियान
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने विभिन्न जिलों में जब्त मादक पदार्थों के लंबित नष्टीकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। सभी जिले यह सुनिश्चित करें कि 31 दिसंबर 2026 तक छह माह से अधिक पुराने अर्थात 30 जून 2026 तक जब्त किए गए ऐसे सभी मादक पदार्थों का नष्टीकरण कर दिया जाए, जिनके निस्तारण की विधिक प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। उन्होंने इस कार्य के लिए आवश्यक न्यायालयीन एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जब्त वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी से संबंधित लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण करने को कहा।
एनडीपीएस प्रकरणों में प्रभावी अभियोजन और शीघ्र निर्णय पर जोर
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने निर्देश दिए कि एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की जांच गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। न्यायालयों में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों में साक्ष्यों और आवश्यक दस्तावेजों की पूर्णता सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को कानून के अनुसार दंडित कराया जा सके। उन्होंने एनडीपीएस प्रकरणों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना की दिशा में आवश्यक प्रयास करने तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए।
टोल फ्री नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करें
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने नशे के विरुद्ध जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन ‘मानस’ के टोल फ्री नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि आम नागरिक मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से संबंधित सूचनाएं संबंधित एजेंसियों तक पहुंचा सकें। उन्होंने सभी जिलों में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत की जा रही कार्रवाइयों और नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित जानकारी सोशल मीडिया तथा अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए आम जनता तक पहुंचाने को कहा। स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं को विशेष रूप से नशा विरोधी जागरूकता अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि नशे के विरुद्ध अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है। इसके लिए पुलिस, प्रशासन और समाज के बीच समन्वय के साथ निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने सभी जिलों को उपलब्ध कराए गए विशेष दलों का प्रभावी उपयोग करते हुए नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध पूरी ताकत से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित सभी जिलों के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
