नारायणपुर – छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र स्थित बेनूर आयुष्मान आरोग्य मंदिर का कलेक्टर नम्रता जैन ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की स्थिति, चिकित्सकों की मौजूदगी, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और भवन की हालत का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर नम्रता जैन ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उपचार के लिए पहुंचे ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें समय पर इलाज मिल रहा है या नहीं, दवाएं उपलब्ध हैं या नहीं तथा किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। मरीजों की समस्याएं सुनने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का स्टॉक, आवश्यक चिकित्सा उपकरण, प्रसूति सेवाएं, टीकाकरण व्यवस्था और नियमित उपचार संबंधी सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं और जरूरी मेडिकल सामग्री की कमी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी दवा की आवश्यकता हो तो उसकी तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
अस्पताल भवन की स्थिति का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने जर्जर हिस्सों की मरम्मत के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए भवन की मरम्मत में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपलब्धता पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ताकि ग्रामीणों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। उन्होंने रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा कलेक्टर नम्रता जैन ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में पदस्थ डॉक्टरों और कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अधिक मजबूत होगी।

निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने साफ संदेश दिया कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए सभी कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश दिए, ताकि अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
