छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर में एक ऐसे शातिर ठग का पर्दाफाश हुआ है, जो खुद को भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों का अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी सरकारी नौकरी, ट्रांसफर और मनचाही पोस्टिंग दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करता था। लोगों का भरोसा जीतने के लिए वह फर्जी पहचान-पत्र, एडिटेड फोटो और अपनी कार पर “भारत सरकार” तक लिखवा कर घूमता था। रायपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से फर्जी दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल, सिम कार्ड, नकदी और कार जब्त की है।

पुलिस के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रहने वाले गुरु नारायण ने शिकायत दर्ज कराई थी कि करीब दो वर्ष पहले ट्रेन में उसकी मुलाकात रजनीश कुमार राय से हुई थी। आरोपी ने खुद को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार में सहायक आयुक्त बताया और दावा किया कि उसकी केंद्र सरकार के बड़े अधिकारियों तक सीधी पहुंच है। उसने सरकारी विभागों में ट्रांसफर, पोस्टिंग और नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाते हुए लाखों रुपये की मांग की।
शिकायतकर्ता को भरोसे में लेने के लिए आरोपी ने अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के फर्जी पहचान-पत्र दिखाए। समय बीतने पर जब उसे संदेह हुआ तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर/मध्य जोन) स्मृतिक राजनाला के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना सिविल लाइन और थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने आरोपी रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय (29 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह खुद को भारत सरकार का अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित करता था। वह एडिटेड तस्वीरें और फर्जी पहचान-पत्र दिखाकर अपना रसूख साबित करता था। इसके बाद सरकारी नौकरी, ट्रांसफर, पोस्टिंग और अन्य सरकारी काम कराने के नाम पर लोगों से बड़ी रकम वसूलता था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोगों को अपना शिकार बनाया। नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने के बाद वह उसी रकम से महंगे मोबाइल, लैपटॉप और अन्य सामान खरीदता था। उसे लग्जरी शॉपिंग का भी शौक था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी आईडी कार्ड, कई संदिग्ध दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप, तीन सिम कार्ड, फर्जी सिम, क्रेडिट कार्ड संबंधी दस्तावेज, नगद राशि और घटना में इस्तेमाल की गई कार जब्त की है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, जिससे ठगी के अन्य मामलों का भी खुलासा होने की संभावना है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय, निवासी जिला बक्सर (बिहार) तथा वर्तमान में अमलेश्वर, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में कई और पीड़ितों तथा ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
