रायपुर – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से शुक्रवार, 10 जुलाई को हरिवंश वैदिक पाठशाला एवं राम मिलेंगे आश्रम के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात कर आगामी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को राम मिलेंगे आश्रम में आगामी 10 अगस्त को आयोजित होने वाले भव्य धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार करते हुए अपनी सहमति प्रदान की।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि सावन माह के पावन अवसर पर आश्रम में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रदेशभर से श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं एवं धर्मप्रेमियों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में शिव आराधना के साथ-साथ वैदिक अनुष्ठान, धार्मिक प्रवचन, राष्ट्र एवं समाज जागरण से जुड़े विविध कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
मुलाकात के दौरान आश्रम संयोजक डॉ. अशोक हरिवंश चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री के समक्ष हरिवंश वैदिक पाठशाला को संदीपनी प्रतिष्ठान से संबद्ध कराने का अनुरोध भी रखा। उन्होंने कहा कि इस पहल से वैदिक शिक्षा को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश के विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा तथा वैदिक ज्ञान का व्यवस्थित अध्ययन करने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान धर्म, सनातन संस्कृति, राष्ट्र निर्माण, संस्कार आधारित शिक्षा तथा समाज में भारतीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर आश्रम संयोजक डॉ. अशोक हरिवंश चतुर्वेदी के साथ सक्ति की बहन अंजू गबेल, मैत्री डेंटल कॉलेज के चेयरमैन राजेश जैन, मरवाही के नीलेश पाठक तथा धर्म प्रचारक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी राजकुमार चंद्रा भी उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत एवं समय देने के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री की सहमति से आगामी धार्मिक आयोजन को नई ऊर्जा और व्यापक जनसहभागिता मिलेगी। सावन माह में आयोजित होने वाला सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करने का माध्यम सिद्ध होगा।
मुलाकात के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आयोजन की सफलता के लिए उनका सहयोग एवं शुभकामनाएं प्राप्त कीं। आश्रम प्रबंधन ने प्रदेशवासियों से भी अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में शामिल होकर भगवान शिव की आराधना एवं सनातन संस्कृति के इस महायज्ञ का हिस्सा बनने का आग्रह किया।
