छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में युवक की आत्महत्या के मामले ने नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। युवक की मौत के करीब नौ दिन बाद उसके मोबाइल से मिला एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने आत्महत्या से पहले एक पुलिसकर्मी पर जबरन वसूली और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, खमतराई निवासी महेश दास मानिकपुरी ने 3 जुलाई को आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद परिजनों ने उसका मोबाइल सुरक्षित रख लिया था। कुछ दिनों बाद जब मोबाइल की जांच की गई तो उसमें महेश द्वारा रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो मिला। वीडियो में महेश ने पुलिसकर्मी प्रदीप सिंह उर्फ बंटी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वह लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था और कथित रूप से पैसों की मांग कर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।
वीडियो में महेश ने कहा कि उसकी जिंदगी बर्बाद हो चुकी है और उसने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। यह वीडियो सामने आने के बाद परिजन सीधे पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई होती, तो शायद महेश की जान बचाई जा सकती थी।
मामले को लेकर खमतराई थाना पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। वीडियो की सत्यता, उसमें लगाए गए आरोपों और अन्य सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी बताया कि महेश दास मानिकपुरी के खिलाफ करीब छह महीने पहले फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों से पैसे वसूलने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। इस पुराने प्रकरण को भी जांच के दौरान ध्यान में रखा जाएगा, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
फिलहाल इस वायरल वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या युवक के आरोप सही हैं या नहीं, इसका जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा। वहीं परिजन आरोपी पुलिसकर्मी पर कड़ी कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।
