रायपुर – राष्ट्रध्वज से जुड़ी तस्वीर के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कांग्रेस IT सेल से जुड़े नेता अरुण साहू के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला हर घर तिरंगा अभियान के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा अपने निवास पर तिरंगा फहराए जाने की तस्वीर से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, अरुण साहू ने इस तस्वीर को कथित तौर पर एडिट कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और उसके साथ राष्ट्रध्वज को लेकर आपत्तिजनक एवं भ्रामक टिप्पणी की। संबंधित पोस्ट में तिरंगे की तस्वीर के एक हिस्से को निशाना बनाते हुए सवाल उठाए गए थे।
भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने पुलिस को उपलब्ध कराए गए स्क्रीनशॉट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की। शिकायत में कहा गया कि पोस्ट बाद में डिलीट कर दिया गया, लेकिन तब तक वह सोशल मीडिया पर प्रसारित हो चुका था।
पुलिस दस्तावेज के अनुसार, शिकायत में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 के साथ BNS की धारा 356 के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। मामले की जांच के लिए पुलिस अधिकारी को जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

इस पूरे घटनाक्रम पर गौरीशंकर श्रीवास ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से कांग्रेस नेताओं की ओर से राष्ट्रध्वज और भाजपा नेताओं से संबंधित तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर बिना तथ्य-जांच के अभियान चलाया जा रहा है। श्रीवास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रध्वज और राष्ट्रपर्व से जुड़ी आपत्तिजनक पोस्ट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
श्रीवास ने कहा कि राष्ट्रध्वज किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। ऐसे में तिरंगे की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर उसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस IT सेल पर निशाना साधते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी तस्वीर या जानकारी को वायरल करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि राष्ट्रध्वज अथवा राष्ट्रपर्व को लेकर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

इस मामले ने एक बार फिर राजनीतिक दलों के बीच सोशल मीडिया वार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीर में किस स्तर पर बदलाव किया गया और पोस्ट के पीछे वास्तविक तथ्य क्या थे। फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद मामला राजनीतिक बयानबाजी से निकलकर कानूनी जांच के दायरे में पहुंच गया है
