रायपुर – शक्कर की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस नेता एवं पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने महंगाई के विरोध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों और सांसदों को पत्र भेजकर उसके साथ शक्कर की छोटी डिब्बी भी सप्रेम भेंट की। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी पत्र के साथ शक्कर की डिब्बी भेजी गई।
विकास उपाध्याय ने कहा कि जिस शक्कर को आम आदमी कभी किलो के हिसाब से खरीदता था, बढ़ती कीमतों ने उसे अब तोले-ग्राम के हिसाब से खरीदने को मजबूर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आम जनता पर महंगाई का लगातार बोझ बढ़ रहा है और त्योहारों के मौसम में शक्कर की कीमतों में तेजी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
उपाध्याय ने कहा कि रक्षाबंधन, तीज, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि सहित आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और पकवानों की मांग बढ़ती है। ऐसे समय में शक्कर महंगी होने से त्योहारों की मिठास प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने महंगाई पर नियंत्रण के बजाय जनता की जेब पर बोझ बढ़ाने का काम किया है।
उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भेजे पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनावी सभा के दौरान 13 रुपये किलो शक्कर मिलने की बात कही गई थी। अब केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है, इसलिए सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि शक्कर की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी क्यों हो रही है।
विकास उपाध्याय ने शक्कर की कीमतों में वृद्धि के पीछे उत्पादन, बाजार में उपलब्ध स्टॉक, गन्ने की उपलब्धता और एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के इस्तेमाल को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि गन्ने की उपलब्धता और चीनी उत्पादन को लेकर बाजार में चिंता बढ़ने का असर सीधे कीमतों पर दिखाई दे रहा है। सरकार द्वारा शक्कर के स्टॉक पर लिमिट लगाने का निर्णय भी इसी बढ़ती चिंता के बीच लिया गया है।
उन्होंने दावा किया कि शक्कर की कीमत में एक ही दिन में करीब 10 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई और बाजार में शक्कर 65 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इसी तरह गुड़ के दामों में भी तेजी आने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले लगभग 60 रुपये किलो बिकने वाला गुड़ अब करीब 100 रुपये किलो तक पहुंच गया है। इसका असर चाय दुकानों, हलवाई, बेकरी और खाद्य सामग्री बनाने वाले कारोबारियों पर भी पड़ रहा है।
उपाध्याय ने आरोप लगाया कि रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और खाद्य पदार्थों की महंगाई के बीच शक्कर के बढ़ते दाम आम परिवारों के घरेलू बजट को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर शक्कर और गुड़ की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि केंद्र सरकार शक्कर की बढ़ती कीमतों पर तत्काल अंकुश लगाए और आम जनता को राहत प्रदान करे। साथ ही उन्होंने जनता से भी महंगाई के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।
विकास उपाध्याय ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शक्कर और गुड़ के दामों में राहत नहीं मिली तो कांग्रेस पार्टी आम जनता के साथ सड़क पर उतरकर मूल्य वृद्धि के खिलाफ आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय जनता को महंगाई नहीं, बल्कि राहत और खुशियों की जरूरत है।
