रायपुर – कर्मचारियों और पेंशनरों की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अब आंदोलन का ऐलान कर दिया गया है। अनियमित कर्मचारी संघ, पेंशनर फोरम, स्वायत्त कर्मचारी संघ, एक मांग एक मंच अभियान और छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में 11 सितंबर को इंद्रावती भवन के सामने भोजन अवकाश के दौरान जोरदार सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि 10 सितंबर तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 11 सितंबर को पोस्टर-बैनर और नारेबाजी के साथ जंगी प्रदर्शन किया जाएगा।
इस संबंध में विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन में पदस्थ कर्मचारी नेता करण सिंह अटेरिया, प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष एवं एक मांग एक मंच अभियान के प्रदेश संयोजक जितेंद्र सिंह ठाकुर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कोषालयीन शासकीय कर्मचारी संघ एवं प्रांतीय सचिव एक मांग एक मंच अभियान तथा गोपाल प्रसाद साहू, प्रांतीय संयोजक प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी संघ एवं प्रांतीय संगठन सचिव एक मांग एक मंच अभियान के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
इन पांच मांगों पर बनी सहमति
बैठक में कर्मचारी संगठनों ने पांच प्रमुख मांगों को लेकर संयुक्त रूप से आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया। इनमें मोदी की गारंटी के तहत अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने, नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने, स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति पूरी तरह समाप्त करने, नियमित कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए मध्यप्रदेश की तर्ज पर 20 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा लागू करने तथा जनवरी 2026 की स्थिति से कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता जारी करने के साथ 86 महीनों के एरियर्स का भुगतान शामिल है।
संगठनों का कहना है कि इन मांगों का सीधा संबंध प्रदेश के हजारों कर्मचारियों, अनियमित कर्मियों और पेंशनरों के हितों से है। लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान को लेकर सरकार से ठोस निर्णय की अपेक्षा की जा रही है।
मुख्य सचिव के नाम सौंपेंगे ज्ञापन
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ कार्यालय में हुई बैठक में स्वायत्तशासी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष शरद दुबे, अनियमित कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू, पेंशनर फोरम के प्रांतीय संयोजक डॉ. डीपी मनहर, एक मांग एक मंच अभियान के प्रांतीय संयोजक करण सिंह अटेरिया, कोषालय कर्मचारी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर, संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला, पेंशनर फोरम के संयोजक चंद्रिका सिंह और जयनारायण श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
कर्मचारी संगठनों की ओर से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन विभागाध्यक्ष भवन, इंद्रावती भवन के नोडल अधिकारी अवनीस शरण, आईएएस को सौंपा जाएगा। ज्ञापन में स्पष्ट किया जाएगा कि यदि 10 सितंबर तक मांगों के संबंध में निर्णय नहीं लिया गया तो 11 सितंबर को कर्मचारी इंद्रावती भवन के सामने एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे।
संगठनों ने कहा है कि यह प्रदर्शन अपनी मांगों को शासन तक मजबूती से पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें सरकार के रुख पर टिकी हैं कि 10 सितंबर की समय-सीमा के भीतर पांच सूत्रीय मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।
