रायपुर – इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक प्रकरण ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए परीक्षा की गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रविवार को अवकाश के दिन आपात बैठक बुलाई। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम और कड़े फैसले लिए गए।
रायपुर पुलिस की जांच में सामने आया कि 20 अगस्त को आयोजित बी.एससी. कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी प्रश्न पत्र के साथ 7 अगस्त को आयोजित बी.एससी. कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी विषय का प्रश्न पत्र भी अभियुक्त द्वारा लीक किया गया था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा को भी निरस्त करने का निर्णय लिया है।
दुर्ग के भारतीय कृषि महाविद्यालय को नोटिस
पेपर लीक मामले में परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में कथित चूक को लेकर भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विश्वविद्यालय ने नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया है।
वहीं, 20 अगस्त के पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए दुर्ग महाविद्यालय के दोषी पाए गए छात्रों के खिलाफ भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए दुर्ग महाविद्यालय में नियुक्त किए गए ऑब्जर्वरों की भूमिका को भी गंभीरता से लिया है। दोनों प्रश्न पत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित करने में हुई चूक को लेकर संबंधित ऑब्जर्वरों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला लिया गया है।
सितंबर के पहले सप्ताह में होंगी दोनों परीक्षाएं
विश्वविद्यालय ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए दोनों रद्द परीक्षाओं के पुनः आयोजन का फैसला किया है। एंटोमोलॉजी और प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षाएं सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी।
विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि पेपर लीक की घटना से छात्रों के भविष्य पर असर न पड़े, इसके लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
अब हार्ड कॉपी नहीं, पासवर्ड प्रोटेक्टेड ईमेल से पेपर
20 अगस्त की घटना के बाद परीक्षा व्यवस्था में तत्काल बदलाव भी किया गया है। विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग ने 22 अगस्त को आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र संबंधित महाविद्यालयों को हार्ड कॉपी के बजाय पासवर्ड प्रोटेक्टेड ईमेल के माध्यम से भेजे।
सुबह 10 बजे से होने वाली परीक्षा का प्रश्न पत्र संबंधित महाविद्यालयों को सुबह 9:30 बजे ईमेल किया गया, ताकि प्रश्न पत्र की गोपनीयता बनी रहे और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
सोमवार 24 अगस्त को होने वाली परीक्षाएं भी इसी सुरक्षित प्रक्रिया के तहत आयोजित की जाएंगी।
परीक्षा केंद्रों पर बढ़ेंगे CCTV कैमरे
विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा व्यवस्था की निगरानी और मजबूत करने का भी निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के साथ-साथ विभिन्न महाविद्यालयों के परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
इसके अलावा भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में प्रश्न पत्रों की गोपनीयता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के सुरक्षित भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था के लिए पेपर लीक जैसी घटनाओं पर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा प्रणाली को अधिक से अधिक लीक-प्रूफ और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जाएंगे।
