धमतरी – भखारा थाना क्षेत्र के ग्राम कोरा में संचालित SBI कियोस्क में लंबे समय से चल रही कथित वित्तीय गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने कियोस्क संचालक केशव राम साहू (40) को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में 1 करोड़ 75 हजार 717 रुपए की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आई है। आरोपी पर खाताधारकों की रकम में हेराफेरी, धोखाधड़ी और कूटरचना कर गबन करने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक मामला महज कुछ महीनों की गड़बड़ी का नहीं, बल्कि 27 अगस्त 2015 से 29 नवंबर 2025 तक करीब एक दशक के दौरान किए गए कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच में कुल ₹1,00,75,717 के कथित गबन की बात सामने आई है। इतने लंबे समय तक यह कथित खेल कैसे चलता रहा, कितने खाताधारक इसकी चपेट में आए और उनकी कितनी रकम प्रभावित हुई—अब पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है।
बैंकिंग व्यवस्था का भरोसा बना कथित हेराफेरी का जरिया
ग्राम कोरा का यह कियोस्क SBI से जुड़े बैंकिंग कामकाज के लिए संचालित किया जा रहा था। धमतरी की NICT Technologies Pvt. Ltd. SBI के अनुबंध के तहत ग्राहक सेवा केंद्रों का संचालन कराती है। इसी व्यवस्था के तहत केशव राम साहू को ग्राम कोरा में कियोस्क संचालन की जिम्मेदारी मिली थी।
मामले का खुलासा संस्था के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जुगलकिशोर की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच से हुआ। भखारा पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड, खाताधारकों के लेनदेन और कियोस्क से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो कथित वित्तीय अनियमितताओं की परतें खुलती चली गईं।
पासबुक में हाथ से एंट्री, खाते में रकम का पता नहीं!
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक कुछ ग्राहकों से रकम लेने के बाद उसे बैंक खातों में जमा नहीं किए जाने और पासबुक में हाथ से एंट्री किए जाने की बात सामने आई है। यही तरीका यदि जांच में प्रमाणित होता है तो यह बैंकिंग व्यवस्था में ग्राहकों के भरोसे को सीधे चोट पहुंचाने वाला गंभीर मामला बन सकता है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कथित तौर पर ग्राहकों से प्राप्त रकम का क्या किया, रकम कहां गई और इस पूरे मामले में कितने लोग प्रभावित हुए।
पूछताछ के बाद लैपटॉप और 29 FD बॉन्ड जब्त
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर ग्राम कोरा स्थित कियोस्क सेंटर से Lenovo कंपनी का लैपटॉप बरामद किया गया।
इसके अलावा 29 हितग्राहियों से जुड़े फिक्स्ड डिपॉजिट बॉन्ड भी गवाहों की मौजूदगी में जब्त किए गए हैं। पुलिस अब लैपटॉप और जब्त दस्तावेजों के जरिए कथित लेनदेन की पूरी कड़ी खंगाल रही है।
एक आरोपी जेल में, लेकिन कई सवाल अभी बाकी
पुलिस ने जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा करते हुए केशव राम साहू को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे कुरूद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
हालांकि कार्रवाई के बाद भी इस मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि कुल कितने खाताधारक प्रभावित हुए, वास्तविक वित्तीय नुकसान कितना है और रकम के लेनदेन की पूरी श्रृंखला क्या रही। बैंक रिकॉर्ड और कियोस्क से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है।
करीब एक दशक तक चलने की बात सामने आ रही इस कथित वित्तीय गड़बड़ी ने बैंकिंग कियोस्क व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच से ही साफ होगा कि इस कथित फ्रॉड का दायरा कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।
