छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर में नशे के कारोबार के खिलाफ ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का मामला सामने आया है। माना कैंप पुलिस ने ओडिशा से गांजा लेकर दुर्ग की ओर जा रहे एक आरोपी को दबोच लिया। आरोपी पुलिस की नाकेबंदी देखकर कार भगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तेज रफ्तार में वाहन अनियंत्रित होकर अन्य वाहन और हाट बाजार के पास डिवाइडर से जा टकराया। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर की रात करीब 11:45 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति कार में ओडिशा से गांजा लेकर दुर्ग की ओर जाने वाला है। सूचना मिलते ही माना कैंप थाना पुलिस ने मछली मार्केट के पास नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी।
इसी दौरान अल्टो कार क्रमांक CG 04 NN 6018 को पुलिसकर्मियों ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही कार चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से भगाने का प्रयास किया। भागने की कोशिश में कार अन्य वाहन और हाट बाजार के पास डिवाइडर से टकरा गई। मौके का फायदा उठाकर भागने से पहले ही पुलिस टीम ने कार को चारों तरफ से घेर लिया और चालक को पकड़ लिया।
पूछताछ में चालक की पहचान राजेन्द्र यादव, पिता छोटूराम यादव, निवासी वार्ड नंबर 11 डिपरापारा, ग्राम सोनासिल्ली, पिथौरा, महासमुंद के रूप में हुई। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गोलमोल जवाब देकर गुमराह करने लगा। संदेह बढ़ने पर पुलिस ने कार की तलाशी ली। डिक्की खोलते ही उसमें रखे सामान से गांजे की गंध आने लगी।
इसके बाद गवाहों की मौजूदगी में डिक्की की तलाशी ली गई तो दो सफेद-पीले रंग के बैग बरामद हुए। बैग के अंदर खाकी रंग के टेप से पैक किए गए 11 पैकेट गांजा छिपाकर रखे गए थे। तौल करने पर गांजे की कुल मात्रा 21.964 किलोग्राम निकली, जिसकी कीमत पुलिस ने 10 लाख 98 हजार 200 रुपये बताई है।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह ओडिशा से गांजा लेकर बिक्री के लिए दुर्ग जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही अल्टो कार जब्त कर ली। जब्त माल की कुल कीमत 13 लाख 48 हजार 200 रुपये बताई गई है।
मामले में माना कैंप थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 245/2026 दर्ज कर आरोपी राजेन्द्र यादव के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ में नशे की खेप पहुंचाने वाले तस्करों पर निगरानी तेज है। माना इलाके में की गई इस कार्रवाई से ओडिशा से रायपुर होते हुए दुर्ग की ओर गांजा पहुंचाने की कोशिश का खुलासा हुआ है।
