रायपुर – साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” के तहत 24 सितंबर को हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU), नवा रायपुर में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों को लेकर सतर्क और जागरूक रहने की अपील की।
कार्यक्रम में रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संदीप मित्तल, HNLU के वाइस चांसलर व्ही.सी. विवेकानंद, रजिस्ट्रार दीपक श्रीवास्तव, रक्षित निरीक्षक वैभव मिश्रा, निरीक्षक प्रेम प्रकाश अवधिया, रायपुर साइबर रेंज के निरीक्षक महेश साहू समेत पुलिस एवं विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

ऑनलाइन ठगी से लेकर डिजिटल अरेस्ट तक, बताए खतरे
जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड, UPI फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी निवेश योजना, डिजिटल अरेस्ट, साइबर ब्लैकमेलिंग, फर्जी नौकरी और लोन के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी और व्यक्तिगत दस्तावेज साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान एप्लीकेशन डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई। सोशल मीडिया पर अपरिचित लोगों के साथ संवेदनशील जानकारी साझा न करने को लेकर भी सावधान किया गया।
ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
पुलिस अधिकारियों ने साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया। विशेष रूप से वित्तीय साइबर फ्रॉड होने पर पीड़ितों को तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने और संबंधित पोर्टल अथवा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध से बचाव में जागरूकता और समय पर कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। नागरिक जितनी जल्दी घटना की जानकारी पुलिस को देंगे, उतनी ही जल्दी आवश्यक कार्रवाई की संभावना बढ़ेगी।
युवाओं से परिवार और समाज को भी जागरूक करने की अपील
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार के प्रति जागरूक करना रहा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं साइबर अपराधों से सतर्क रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि डिजिटल सुविधा के साथ डिजिटल सावधानी भी जरूरी है और छोटी सी लापरवाही कई बार आर्थिक नुकसान के साथ व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का कारण बन सकती है।
