रायपुर – लगातार हो रही बारिश के बीच राजधानी में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को लेकर रायपुर पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित इलाकों में SDRF, NDRF, जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की टीमें समन्वय के साथ राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में रविवार को कलेक्टर रायपुर गौरव सिंह और पुलिस उपायुक्त पश्चिम रॉबिन्सन गुड़िया ने नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति, राहत व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
चन्दनडीह में प्रभावित बस्तियों का निरीक्षण
अधिकारियों ने ग्राम चन्दनडीह के शीतलापारा, रेती खोली और श्रीलंका पारा समेत विभिन्न प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए गए अस्थायी आश्रय स्थलों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने वहां भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली तथा जरूरत के अनुसार व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
ड्रोन से होगी जलभराव वाले इलाकों की निगरानी
जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों की पहचान और वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए ड्रोन कैमरे से निगरानी एवं सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और पुलिस की टीमों को जल निकासी, राहत सामग्री के त्वरित वितरण और प्रभावित लोगों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
सरोना के राहत शिविर में पहुंचे अधिकारी
इसके बाद अधिकारियों ने प्राथमिक शाला डीपरापारा, सरोना में संचालित राहत शिविर का निरीक्षण किया। शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत कर उनकी जरूरतों की जानकारी ली गई और उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
महादेव घाट पर विसर्जन व्यवस्था भी जांची
बाढ़ और जलभराव की चुनौती के बीच गणेश विसर्जन को लेकर भी प्रशासन-पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों ने महादेव घाट विसर्जन कुंड और महादेव घाट पुल का निरीक्षण किया।
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की कोशिश है कि विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
पुलिस की नागरिकों से अपील
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से नदी-नालों, उफनते पुल-पुलियों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि जलमग्न सड़क या पुल को पार करने का जोखिम न उठाएं और बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखें।
गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित विसर्जन कुंड में करने तथा नदी में उतरने से बचने की अपील की गई है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल 112 पर सूचना देने और अफवाहों से बचते हुए प्रशासन एवं पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन, नगर निगम और रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए टीमें लगातार मैदान में तैनात हैं। परिस्थितियों पर सतत निगरानी रखते हुए जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य को तत्काल बढ़ाया जा रहा है।
