छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर के डब्लूआरएस कॉलोनी में इस वर्ष श्री श्री दुर्गा एवं लक्ष्मी पूजा समिति अपनी गौरवशाली परंपरा के 60 वर्ष पूरे करने जा रही है। छह दशकों से आस्था, भक्ति, भव्यता और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करती आ रही समिति का इस बार का आयोजन विशेष उत्साह और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हीरक जयंती के अवसर पर पूजा को यादगार बनाने के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं।
समिति की ओर से मां दुर्गा और माता लक्ष्मी की अलौकिक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। वहीं, आकर्षक पंडाल और कलात्मक साज-सज्जा श्रद्धालुओं एवं दर्शकों का मन मोह रही है। आयोजन स्थल को विशेष रूप से सजाया गया है, जिससे पूरे परिसर में उत्सव और भक्ति का माहौल नजर आ रहा है। 60वें वर्ष का यह आयोजन समिति की समृद्ध परंपरा, सामूहिक सहभागिता और धार्मिक आस्था का प्रतीक बन रहा है।
छह दशकों की परंपरा, आस्था और सामाजिक एकता का उत्सव
समिति के उपाध्यक्ष सोमेन चटर्जी ने बताया कि छह दशकों से लगातार पूजा का आयोजन करना समिति के लिए गौरव का विषय है। इस परंपरा को आगे बढ़ाने में क्षेत्र के श्रद्धालुओं और कॉलोनीवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस वर्ष हीरक जयंती को खास बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के साथ एक यादगार उत्सवी अनुभव मिल सके।

हर दिन सजेगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की महफिल
इस वर्ष का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं और शहरवासियों के मनोरंजन के लिए प्रतिदिन भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में स्थानीय प्रतिभाओं के साथ प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। संगीत, कला और सांस्कृतिक रंगों से सजी ये प्रस्तुतियां उत्सव के उल्लास को और बढ़ा रही हैं।
डब्लूआरएस कॉलोनी में आयोजित यह हीरक जयंती समारोह धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सद्भाव का संदेश भी दे रहा है। छह दशकों की इस गौरवशाली यात्रा के साथ श्री श्री दुर्गा एवं लक्ष्मी पूजा समिति का आयोजन इस वर्ष विशेष महत्व रखता है। मां दुर्गा और माता लक्ष्मी के दर्शन, भव्य पंडाल और प्रतिदिन होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच यह उत्सव श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
