रायपुर – छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की वन टाइम सेटलमेंट (OTS-2) योजना प्रदेश में लंबे समय से बिक्री के इंतजार में पड़ी आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के निपटान में अहम भूमिका निभा रही है। योजना के तहत अब तक कुल 2,656 संपत्तियों में से 1,659 संपत्तियों का विक्रय किया जा चुका है। यह कुल संपत्तियों का 62.5 प्रतिशत है। इनकी कुल कीमत ₹251.71 करोड़ है। वहीं, 997 संपत्तियां अभी बिक्री के लिए शेष हैं, जिनका कुल मूल्य ₹134.40 करोड़ है।
छूट के साथ संपत्ति खरीदने का अवसर
राज्य मंत्रिपरिषद की 19 जनवरी 2025 को आयोजित बैठक में पांच वर्ष से अधिक समय से बिक्री नहीं हो पाई आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के एकमुश्त निपटान के लिए बेस रेट पर छूट देकर विक्रय की स्वीकृति दी गई थी। इसी निर्णय के तहत 1 मार्च 2025 से OTS-2 योजना शुरू की गई। इसमें संपत्तियों के रिक्त रहने की अवधि और संबंधित परियोजना में खाली संपत्तियों के अनुपात के आधार पर 10, 20 और 30 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान किया गया है। इससे इच्छुक नागरिकों को निर्धारित शर्तों के तहत संपत्ति खरीदने का अवसर मिल रहा है।
मंडल आयुक्त ने की समीक्षा, सुविधाएं दुरुस्त करने पर जोर
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल मुख्यालय में 23 अक्टूबर को मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने OTS-2 योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने शेष संपत्तियों की बिक्री में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि उपलब्ध संपत्तियों में लिफ्ट, मरम्मत, रखरखाव और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, ताकि संभावित खरीदारों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग में आवास रथ शुरू करने के निर्देश दिए गए, जिससे इच्छुक हितग्राही संपत्तियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर सकें और खरीदारी से पहले उपलब्ध विकल्पों की जानकारी प्राप्त कर सकें।

प्रचार-प्रसार से अधिक लोगों तक पहुंचेगी योजना
मंडल आयुक्त ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक संभावित खरीदारों तक योजना की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि पात्र हितग्राही निर्धारित छूट का लाभ उठा सकें। सुविधाओं में सुधार, प्रत्यक्ष निरीक्षण और प्रचार-प्रसार के माध्यम से शेष संपत्तियों की बिक्री को गति देने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश के कई शहरों में उपलब्ध हैं संपत्तियां
OTS-2 योजना के अंतर्गत नवा रायपुर के कैपिटल प्रोजेक्ट, रायपुर के जोन-02 एवं जोन-03, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, धमतरी, राजनांदगांव, रायगढ़, जशपुर, कोंडागांव, कोरिया, कोरबा और दंतेवाड़ा सहित विभिन्न परियोजनाओं एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां उपलब्ध हैं। इच्छुक नागरिक संबंधित मंडल कार्यालयों से संपर्क कर संपत्तियों की उपलब्धता, कीमत और लागू छूट की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मार्च 2027 तक मिलेगा योजना का लाभ
इससे पहले सितंबर 2021 से मार्च 2024 तक संचालित वन टाइम सेटलमेंट योजना में लगभग ₹511 करोड़ मूल्य की 2,591 संपत्तियां शामिल की गई थीं। उस योजना के तहत ₹88.28 करोड़ मूल्य की 506 संपत्तियों का विक्रय हुआ था, जो कुल संपत्तियों का 17.27 प्रतिशत था। इसके मुकाबले OTS-2 के तहत अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों की बिक्री दर्ज की गई है।
OTS-2 योजना की अवधि मार्च 2027 तक निर्धारित है। इसके बाद योजना के अंतर्गत मिलने वाली छूट का लाभ उपलब्ध नहीं होगा। ऐसे में आवासीय या व्यावसायिक संपत्ति खरीदने के इच्छुक नागरिकों के लिए यह योजना निर्धारित अवधि के भीतर उपलब्ध विकल्पों और छूट की जानकारी प्राप्त करने का अवसर है।
