रायपुर – राजधानी रायपुर में साधु-बाबा का भेष धारण कर लोगों की आस्था और विश्वास से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। बीमारी दूर करने और घरेलू परेशानियों का समाधान करने का झांसा देकर एक महिला से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने पूजा-पाठ के नाम पर महिला को अपने जाल में फंसाया और परिवार के सदस्यों की मौत अथवा अनिष्ट होने का डर दिखाकर उसे लंबे समय तक चुप रखा। मामले में ग्वालियर, मध्यप्रदेश निवासी 22 वर्षीय आरोपी गुरुदयाल सिंह उर्फ दल्लू और विधि से संघर्षरत एक बालक को पकड़ा गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 17 ग्राम सोने के आभूषण और घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन जब्त किया है। गिरोह के अन्य सदस्य अब भी फरार हैं।
बीमारी और घरेलू परेशानी को बनाया ठगी का हथियार
पुलिस के अनुसार, मामला रायपुर के गंज थाना क्षेत्र स्थित फाफाडीह के जयलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स का है। प्रार्थी जसवंत परमार ने शिकायत दर्ज कराई कि मार्च 2026 में तीन अज्ञात साधु उनके घर पहुंचे थे। आरोपियों ने उनकी पत्नी की बीमारी, आंखों की परेशानी और घरेलू समस्याओं से जुड़ी कुछ बातें बताकर उनका विश्वास जीत लिया।
इसके बाद आरोपियों ने पूजा-पाठ के जरिए समस्याएं दूर करने का दावा किया और पहली बार सोने की अंगूठी व नकदी ले ली। करीब 10 से 12 दिन बाद वे दोबारा घर पहुंचे। इस बार पूजा करने और बाद में जेवरात वापस करने का भरोसा देकर सोने की चेन समेत अन्य सोने-चांदी के आभूषण भी लेते रहे।
परिवार पर अनिष्ट का डर, महिला को किया खामोश
ठगी का यह तरीका केवल जेवर लेने तक सीमित नहीं था। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने महिला को धमकाया कि यदि उसने इस पूरे मामले की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को दी, तो उसके परिवार के सदस्यों की मृत्यु हो सकती है या कोई बड़ा अनिष्ट हो सकता है। इस भय के कारण महिला लंबे समय तक किसी को कुछ बताने से बचती रही।
7 सितंबर 2026 से आरोपियों ने लगातार फोन कर और अधिक जेवरात तथा नकदी की मांग शुरू कर दी। इसके बाद महिला को संदेह हुआ कि पूजा-पाठ के नाम पर उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। आरोपियों ने न तो कोई पूजा-पाठ कराया और न ही लिए गए आभूषण वापस किए।
मोबाइल नंबरों के तकनीकी विश्लेषण से खुला मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और सहायक पुलिस आयुक्त, कोतवाली दीपक मिश्रा ने थाना गंज पुलिस को आरोपियों की जल्द पतासाजी कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रार्थी और उनकी पत्नी से विस्तृत पूछताछ की। इसके बाद आरोपियों के संपर्क में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और महिला को फोन करने वाले अन्य नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य माध्यमों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने ग्वालियर निवासी गुरुदयाल सिंह उर्फ दल्लू और विधि से संघर्षरत एक बालक को पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने अपने भाई और अन्य साथी के साथ मिलकर पूजा-पाठ का झांसा देकर ठगी करने की बात स्वीकार की है।
17 ग्राम सोना जब्त, गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 17 ग्राम सोने के आभूषण और घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन जब्त किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई है। वहीं, ठगी में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरोह ने इसी तरह की अन्य घटनाओं को अंजाम तो नहीं दिया है।
पुलिस की अपील: बीमारी, पारिवारिक परेशानी या किसी अनहोनी का भय दिखाकर पूजा-पाठ के नाम पर धन और जेवर मांगने वालों से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। आस्था के नाम पर डर पैदा कर आर्थिक लाभ उठाने वालों के झांसे में न आएं।
