रायपुर – राजधानी रायपुर में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के एक मामले में महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 14.970 किलोग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 7 लाख 48 हजार 500 रुपये बताई गई है, जब्त किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने गांजा ओडिशा से लाना बताया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गांजे को रायपुर में खपाने और उसकी बिक्री करने की फिराक में थे।
कार्रवाई 28 अक्टूबर 2026 को गंज थाना क्षेत्र के तेलघानी नाका ओवरब्रिज के नीचे बिजली ऑफिस के पास की गई। पुलिस अब गांजा उपलब्ध कराने वाले स्रोतों, संभावित खरीदारों और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस को देखकर भागने लगे आरोपी, घेराबंदी कर पकड़ा
पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना मिली थी कि तेलघानी नाका ओवरब्रिज के नीचे कुछ लोग गांजा लेकर बिक्री करने की तैयारी में हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी।
मौके पर मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर एक महिला और दो पुरुषों को चिन्हित किया गया। पुलिस टीम ने उनसे पूछताछ करने की कोशिश की तो तीनों भागने लगे। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास रखे बैग से 14.970 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
राजस्थान के दो युवक, रायपुर में रह रहे थे आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गजेन्द्र पंचाल, नीरज तोमर और शबाना लोधी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गजेन्द्र पंचाल और नीरज तोमर मूलतः राजस्थान के भरतपुर जिले के निवासी हैं। नीरज तोमर और शबाना लोधी रायपुर के संतोषी नगर क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहे थे।
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ थाना गंज में अपराध क्रमांक 319/26 के तहत नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम की धारा 20(बी) में मामला दर्ज किया है।
महिला आरोपी पहले भी NDPS मामले में जा चुकी है जेल
इस कार्रवाई में गिरफ्तार महिला आरोपी शबाना लोधी को लेकर पुलिस ने एक अहम जानकारी साझा की है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, वह पूर्व में महाराष्ट्र के नागपुर में नारकोटिक एक्ट के एक मामले में जेल में निरुद्ध रह चुकी है। पुलिस अब आरोपियों से गांजे की खरीद, परिवहन, सप्लाई और बिक्री से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ कर रही है।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की तैयारी
पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि गांजा ओडिशा में कहां से लाया गया, इसे रायपुर में किसे बेचा जाना था और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है, ताकि गांजा उपलब्ध कराने वाले स्रोतों से लेकर संभावित खरीदारों तक पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
रायपुर कमिश्नरेट में अब तक 98 NDPS प्रकरणों में 215 गिरफ्तार
पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रायपुर कमिश्नरेट में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा अब तक NDPS एक्ट के 98 प्रकरणों में 215 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में मादक पदार्थों और अन्य सामग्री सहित कुल 7 करोड़ 33 लाख 84 हजार 820 रुपये की जब्ती बताई गई है।
अब देखना होगा कि तेलघानी नाका की इस कार्रवाई के बाद पुलिस गांजे की सप्लाई करने वाले मुख्य स्रोतों और रायपुर में इसे खपाने वाले संभावित खरीदारों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती है। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की कार्रवाई के दायरे में हैं और पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच जारी है।
