रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, निवेश, शिक्षा, बिजली, कर व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने कुल 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए उद्योगों को बढ़ावा देने, व्यापार को आसान बनाने, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए नई डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इससे एनटीपीसी सहित अन्य केंद्रीय कंपनियों से बिजली आपूर्ति निर्बाध बनी रहेगी और भुगतान प्रणाली भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
बैठक में बस्तर फाइटर्स के भर्ती एवं सेवा नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। वहीं निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े कानून में संशोधन कर स्थापना प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाया गया है। नए प्रावधानों के तहत छात्रों के हितों की सुरक्षा, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और यूजीसी मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (VAT) और माल एवं सेवा कर (GST) से जुड़े संशोधन विधेयकों को भी मंजूरी दी। जीएसटी कानून को अधिक सरल, पारदर्शी और करदाताओं के अनुकूल बनाने के साथ-साथ रिफंड प्रक्रिया को तेज करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण बनने के बाद वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने का फैसला लिया गया है और लंबित मामलों का स्थानांतरण राजस्व मंडल को किया जाएगा।
राज्य में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन विधेयक तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी गई। सरकार का दावा है कि इस तरह का कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। इसमें डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन और जोखिम आधारित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाएं लागू होंगी, जिससे उद्योगों को राहत मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) की वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को भी मंजूरी दी। इससे भूखंड आवंटित हितग्राहियों को ब्याज और अधिभार में राहत मिलेगी तथा लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी।
इसके अलावा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम-2024 को राज्य में लागू करने, भाड़ा नियंत्रण अधिनियम-2011 में संशोधन कर मकान मालिक और किरायेदारों के अधिकार स्पष्ट करने तथा राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए शासकीय भूमि आवंटित करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
राज्य सरकार का कहना है कि इन फैसलों से निवेश, औद्योगिक विकास, रोजगार, उच्च शिक्षा, कर प्रशासन और नागरिक सेवाओं में सुधार के साथ छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
