रायपुर – FOREX ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 74 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का बड़ा खुलासा करते हुए रायपुर पुलिस ने राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी टेलीग्राम ग्रुप और निवेश योजना के जरिए रायपुर के एक कारोबारी और उसके भतीजे को अपने जाल में फंसाकर 74 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।
पुलिस के मुताबिक न्यू राजेंद्र नगर निवासी बहादुर आर्य ने गूगल पर FOREX ट्रेडिंग सर्च किया था। इसी दौरान उनका मोबाइल नंबर FIRSTIFY नाम के टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया। ग्रुप के सदस्यों ने कम समय में भारी मुनाफे का लालच देकर उन्हें निवेश के लिए तैयार किया। अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार संपर्क कर विश्वास में लिया गया और कई किश्तों में कुल 74 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। रकम जमा होने के बाद न तो कोई लाभ मिला और न ही निवेश की राशि वापस की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, टेलीग्राम आईडी, व्हाट्सएप प्रोफाइल और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहन पड़ताल की गई। तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर आरोपियों की लोकेशन राजस्थान में मिली।
पुलिस टीम ने राजस्थान में लगातार कैंप कर दोनों आरोपियों मुकेश कुमार मीणा (जयपुर) और संदीप कुमार (सीकर) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी करने की बात स्वीकार की है। उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि जब्त मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। इससे पूरे साइबर नेटवर्क, अन्य सहयोगियों और देश के अलग-अलग राज्यों में हुई संभावित ठगी के मामलों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।
बड़ी सीख:
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया, टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर मिलने वाले FOREX ट्रेडिंग, क्रिप्टो या दोगुना मुनाफा जैसे लालच में बिल्कुल न आएं। निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की वैधता की पूरी जांच करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या ग्रुप पर भरोसा न करें।
