कबीरधाम – स्मार्ट मीटर को लेकर छत्तीसगढ़ में विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत पांडतराई सहित आसपास के हजारों ग्रामीणों ने कांग्रेस के नेतृत्व में बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार पर स्मार्ट मीटर के नाम पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया और बढ़ते बिजली बिलों के विरोध में बिजली कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घरों से स्मार्ट मीटर निकालकर पांडतराई स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे। लोगों ने इन मीटरों को कार्यालय परिसर में जमा करते हुए स्मार्ट मीटर व्यवस्था को पूरी तरह वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।
प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर से जारी कथित गलत और अधिक बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें निरस्त करने, वास्तविक खपत के आधार पर नए बिल जारी करने, जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने तथा पुराने मीटरों की तकनीकी जांच कराने की मांग की गई।
इसके अलावा बिजली दरों में की गई वृद्धि तत्काल वापस लेने, जर्जर तार, पोल और ट्रांसफॉर्मर बदलने, लो वोल्टेज की समस्या दूर करने, फॉल्ट होने पर त्वरित मरम्मत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बिना पूर्व सूचना बिजली कटौती पर रोक लगाने की भी मांग रखी गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्मार्ट मीटर में वास्तविक खपत से अधिक यूनिट दर्ज होने के कारण उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से अधिक बिल भरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में बिजली का बढ़ता खर्च आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के मामले में ठोस निर्णय नहीं लिया, तो पूरे क्षेत्र में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही।
