छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर के डंगनिया स्थित कलार समाज भवन में विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ, छत्तीसगढ़ के बैनर तले प्रदेशभर से पहुंचे मीटर रीडर श्रमिकों ने अपने रोजगार और अधिकारों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए और श्रमिकों की मांगों के समर्थन में उनकी आवाज बुलंद की।
सभा के बाद पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और कांग्रेस नेता सन्नी अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों ने डंगनिया स्थित बिजली कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान अधिकारियों को श्रमिकों की विभिन्न मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा गया और स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार की मांग की गई।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जाने से हजारों विद्युत मीटर रीडरों की नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं। यदि स्मार्ट मीटर का दायरा लगातार बढ़ता गया तो बड़ी संख्या में मीटर रीडिंग कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे।
भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में बिजली बिलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और बिलिंग संबंधी विसंगतियों का गुस्सा आम जनता मीटर रीडरों पर निकालती है, जबकि इसके लिए कर्मचारी नहीं बल्कि सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़े हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने लोगों से पुराने मीटर दोबारा लगाए जाने के लिए आवेदन करने की भी अपील की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं में अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए भी केंद्र और राज्य सरकार को घेरा और कहा कि सरकार हर मोर्चे पर युवाओं और आम जनता का विश्वास खो रही है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश के हजारों मीटर रीडर श्रमिक अपने रोजगार को लेकर असुरक्षा की स्थिति में हैं। उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और किसी भी निर्णय से पहले उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के हजारों मीटर रीडर श्रमिकों के रोजगार और अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी हमेशा उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके हक की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ती रहेगी।
