रायपुर – नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की कार्रवाई लगातार और सख्त होती जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। आदतन एनडीपीएस आरोपी मुकेश उर्फ “मुकेश बनिया” की लगभग 42 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों पर SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Forfeiture of Property Act) के सक्षम प्राधिकारी, मुंबई ने फ्रीजिंग ऑर्डर को कन्फर्म कर दिया है। इससे आरोपी की अवैध कमाई से अर्जित बताई जा रही संपत्तियों के उपयोग, बिक्री या हस्तांतरण पर रोक लग गई है।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार “सूखे नशे के विरुद्ध अभियान” के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में पुलिस केवल नशे की खेप जब्त करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों को भी कानून के दायरे में लाकर आर्थिक रूप से तस्करों की कमर तोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
डीसीपी सेंट्रल जोन आईपीएस उमेश प्रसाद गुप्ता तथा एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी मुकेश बनिया की विस्तृत वित्तीय जांच की। जांच के दौरान उसके और उससे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद करीब 42 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों का विवरण जुटाया गया। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ(1) के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव SAFEMA सक्षम प्राधिकारी, मुंबई को भेजा गया, जिसे परीक्षण के बाद मंजूरी दे दी गई।
पुलिस के अनुसार मुकेश उर्फ मुकेश बनिया रायपुर में लंबे समय से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, मारपीट, गुंडागर्दी सहित कई गंभीर अपराध शामिल हैं।
गौरतलब है कि 26 फरवरी 2026 को थाना सिटी कोतवाली और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान उसके कब्जे से 6.119 किलोग्राम गांजा, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 2400 अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। जांच में उसके द्वारा संचालित आधुनिक तकनीक से लैस गांजा हाइडआउट का भी खुलासा हुआ था।
आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसके खिलाफ पहले ही PIT-NDPS Act, 1988 के तहत डिटेंशन ऑर्डर जारी कराया जा चुका है। इसके बाद पुलिस ने उसके आर्थिक नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू की। जांच में एक आवासीय मकान और तीन वाहनों के लिए उपयोग की गई धनराशि संदिग्ध पाई गई, जिसके आधार पर इन संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई।
SAFEMA द्वारा फ्रीजिंग ऑर्डर कन्फर्म होने के बाद अब संबंधित संपत्तियों को बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बेचा, गिरवी रखा, हस्तांतरित या किसी अन्य तरीके से उपयोग नहीं किया जा सकेगा। अगले चरण में आरोपी और संबंधित पक्षों को यह साबित करना होगा कि इन संपत्तियों की खरीद वैध आय से की गई है। यदि वे वैध आय का प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए, तो नियमानुसार इन संपत्तियों को स्थायी रूप से शासन के पक्ष में जब्त (Forfeiture) करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पूरी कार्रवाई एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा के सतत पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। प्रकरण के दस्तावेजों का संकलन, राजस्व एवं परिवहन अभिलेखों की जांच, प्रस्ताव तैयार करने तथा SAFEMA के साथ समन्वय और पत्राचार का कार्य निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार ने किया, जिसके परिणामस्वरूप सक्षम प्राधिकारी, मुंबई ने फ्रीजिंग ऑर्डर को अंतिम स्वीकृति प्रदान की।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर, सतत और बहुआयामी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य केवल तस्करों को जेल भेजना नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई और आर्थिक तंत्र को भी पूरी तरह ध्वस्त करना है।
