भिलाई – छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामले से जुड़े कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से संबंधित बताई जा रही भिलाई की एक संपत्ति पर आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार देर शाम आयकर विभाग की टीम ने जुनवानी स्थित सूर्या रेजिडेंसी के मकान नंबर A-1 को सील कर दिया। टीम ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति का कब्जा अपने नियंत्रण में ले लिया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ तहसीलदार और राजस्व अधिकारी भी मौजूद रहे। आयकर विभाग की कार्रवाई से इलाके में हड़कंप की स्थिति रही।

बेनामी संपत्ति कानून के तहत कार्रवाई
आयकर विभाग की ओर से जारी दस्तावेज के मुताबिक, कार्रवाई बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम, 1988 की धारा 29(2)(बी) के तहत जब्त संपत्ति का कब्जा लेने के लिए की गई। दस्तावेज में संपत्ति का पता A-1, सूर्या रेजिडेंसी, कोहका, भिलाई, जिला दुर्ग दर्ज है।
संपत्ति का खसरा नंबर 2028/38 बताया गया है, जबकि इसका क्षेत्रफल 0.02 हेक्टेयर यानी करीब 200 वर्गमीटर है।
दस्तावेजों के अनुसार यह कार्रवाई मनीष उपाध्याय से संबंधित मामले में जब्त संपत्ति के कब्जे से जुड़ी है। आयकर विभाग के अधिकारी की ओर से सुपेला थाना प्रभारी को पत्र भेजकर कार्रवाई के दौरान आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद पुलिस और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में मकान को सील किया गया।
अधिकारी पहुंचे, सील कर लिया मकान
आयकर विभाग रायपुर के अधिकारी रूद्र चंद्राकर के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। उनके साथ तहसीलदार टिकेश्वर साहू, स्मृति नगर चौकी प्रभारी और पुलिस बल मौजूद रहा। टीम ने मौके पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मकान को सील कर दिया और संपत्ति का कब्जा अपने नियंत्रण में ले लिया।
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, इस मकान में सूर्यकांत तिवारी, पिता स्वर्गीय शशिकांत तिवारी के रहने की बात सामने आई है। हालांकि, कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस दिए जाने के कारण मकान में रखा सामान पहले ही खाली कर लिया गया था।
कोयला लेवी मामले में भी आया था नाम
सूर्यकांत तिवारी का नाम छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामले में भी सामने आया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आरोप के मुताबिक, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच राज्य में कोयला परिवहन पर कथित तौर पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध लेवी वसूलने का नेटवर्क संचालित किया गया था।
ईडी ने इस कथित नेटवर्क से करीब 540 करोड़ रुपये की अपराध की आय का अनुमान लगाया है। हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप और आकलन हैं, जिन्हें अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
ईडी के रिकॉर्ड के अनुसार, सूर्यकांत तिवारी को इस मामले में 29 अक्टूबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2025 को उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। सुप्रीम कोर्ट के बाद के रिकॉर्ड में भी इस अंतरिम जमानत आदेश का उल्लेख मिलता है।
बेनामी संपत्ति मामले में कार्रवाई, कोयला केस में नया फैसला नहीं
फिलहाल भिलाई में हुई आयकर विभाग की कार्रवाई को कोयला लेवी मामले में किसी नए न्यायिक फैसले के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, मौजूदा कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बेनामी संपत्ति मामले में पहले से जब्त मकान का कब्जा लेना और उसे सील करना है।
आयकर विभाग की इस कार्रवाई के बाद सूर्यकांत तिवारी से संबंधित संपत्तियों और पुराने मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
