छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर में सूखे नशे के कारोबार के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 85 किलोग्राम गांजा के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल महिंद्रा कार और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त गांजा, वाहन और अन्य सामग्री की कुल कीमत लगभग 58 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों में मध्यप्रदेश के दो और छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले का एक आरोपी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना मिली थी कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के दुर्गा चौक मैदान के पास एक चारपहिया वाहन में गांजा रखा गया है और आरोपी उसे बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) तारकेश्वर पटेल की निगरानी में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी।

कार की डिक्की में मिले गांजे के पैकेट
पुलिस ने संदिग्ध महिंद्रा कार की तलाशी ली तो उसकी डिक्की में अलग-अलग पैकेटों में कुल 85 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने गांजा ओडिशा के बलांगीर से लाकर किसी अन्य व्यक्ति को बेचने के उद्देश्य से ले जाने की बात बताई। पुलिस ने गांजे की अनुमानित कीमत 42 लाख 50 हजार रुपये बताई है। कार और चार मोबाइल फोन सहित जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 58 लाख रुपये आंकी गई है।
मध्यप्रदेश और महासमुंद के आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनीश साहू (36), निवासी सागर, मध्यप्रदेश; राकेश साहू (31), निवासी मंडला, मध्यप्रदेश, जिसके वर्तमान पते फिंगेश्वर और चंगोराभाठा बताए गए हैं; तथा सूरज कलेत (34), निवासी महासमुंद जिले के रूप में हुई है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में अपराध क्रमांक 544/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) और 29 में मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।
सप्लायर से खरीदार तक नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब गांजे की आपूर्ति करने वाले स्रोतों, संभावित खरीदारों और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है। जब्त मोबाइल फोन, वाहन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा कहां से खरीदा गया, किसे सप्लाई किया जाना था और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एनडीपीएस के 92 मामलों में 204 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीमों ने अब तक एनडीपीएस एक्ट के 92 मामलों में कुल 204 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों में गांजा, ओशन ग्रो (गांजा), प्रतिबंधित नशीली गोलियां, एमडीएमए, पार्टी पिल्स, कोकीन, प्रतिबंधित सिरप, डोडा, हेरोइन, ब्राउन शुगर और अफीम सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक, जब्त सामग्री, नकदी और वाहनों की कुल कीमत 7 करोड़ 9 लाख 98 हजार रुपये है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य केंद्र गांजे की सप्लाई चेन और उसके संभावित खरीदार हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने के बाद मामले में आगे और कार्रवाई की जा सकती है।
