आरंग – छत्तीसगढ़ के रायपुर ग्रामीण पुलिस ने अपहरण और फिरौती मांगने के एक सनसनीखेज मामले में महज 6 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। आरंग थाना क्षेत्र से 8 वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर उसे छोड़ने के एवज में 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले आरोपियों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पकड़ लिया। पुलिस ने अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया है।
दुकान से निकला मासूम, फिर अचानक हुआ लापता
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को आरंग निवासी एक व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी इंदिरा चौक स्थित मेडप्लस मेडिकल दुकान में काम करता है, जबकि उसकी पत्नी नर्स है। घटना वाले दिन सुबह उसकी पत्नी अपने 8 वर्षीय बेटे को मेडिकल दुकान पर छोड़कर गई थी। सुबह करीब 9 बजे बच्चा खेलने और साइकिल चलाने की बात कहकर दुकान से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा।
परिजनों ने आसपास और संभावित स्थानों पर बच्चे की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद शाम करीब 4 बजे पुलिस को सूचना दी गई। मामला एक मासूम बच्चे से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
15 लाख की फिरौती के फोन से मचा हड़कंप
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब प्रार्थी के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्तियों का फोन आया। फोन करने वालों ने बच्चे को सुरक्षित वापस करने के बदले 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और उनके निर्देश पर तलाशी अभियान तेज कर दिया।
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने रेंज साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए। साथ ही संभावित रास्तों पर चेकिंग शुरू की गई और सीमावर्ती जिलों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया। पुलिस की बढ़ती घेराबंदी और लगातार कार्रवाई से आरोपियों पर दबाव बढ़ने लगा।
समोदा पेट्रोल पंप के पास छोड़कर भागे आरोपी
पुलिस की सख्त घेराबंदी के बीच आरोपी अपहृत बच्चे को आरंग क्षेत्र के ग्राम समोदा स्थित पेट्रोल पंप के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल बच्चे को सकुशल बरामद किया और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मासूम की सुरक्षित वापसी से परिजनों ने राहत की सांस ली।
साइबर सेल की मदद से दतरेंगी गांव तक पहुंची पुलिस
तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस को आरोपियों की मौजूदगी जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के गिधपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दतरेंगी में मिली। इसके बाद आरंग पुलिस की टीम ने तत्काल दबिश देकर घेराबंदी की और दो मुख्य आरोपियों सहित एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपहरण कर फिरौती मांगने की बात स्वीकार की। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
ये आरोपी गिरफ्तार
हेमंत उर्फ छोटू निषाद (25 वर्ष), पिता बुधुराम निषाद, निवासी ग्राम दतरेंगी, थाना गिधपुरी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा।
मिथलेश ध्रुव उर्फ भुरू (20 वर्ष), पिता भक्तु ध्रुव, निवासी ग्राम दतरेंगी, थाना गिधपुरी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा। एक विधि से संघर्षरत बालक।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच में पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी अनहोनी
आरंग में एक 8 वर्षीय बच्चे के अपहरण और 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग ने इलाके में चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि, पुलिस की त्वरित सक्रियता, तकनीकी जांच, नाकेबंदी और अंतर-जिला समन्वय के चलते बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। महज कुछ घंटों में आरोपियों तक पहुंचना रायपुर ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई की अहम सफलता मानी जा रही है।
