सुकमा – छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव एवं सुकमा जिले के प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा ने बुधवार को जिला मुख्यालय का औचक दौरा कर विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। कलेक्टर अमित कुमार के साथ उन्होंने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों से सीधे संवाद किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

जिला अस्पताल के आर्थो वार्ड में भर्ती मरीज सोमड़ा सोड़ी और छोटू कश्यप से मुलाकात के दौरान एक भावुक पल देखने को मिला। प्रभारी सचिव ने जब इलाज की जानकारी ली तो मरीज सोमड़ा सोड़ी ने मुस्कुराते हुए कहा, “साहब, यहाँ हमारा बहुत अच्छा इलाज हो रहा है।” एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल सोमड़ा के पैर का सफल ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने रॉड लगाया है और उन्हें अस्पताल में नि:शुल्क उपचार मिल रहा है। मरीजों की संतुष्टि ने स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर व्यवस्था की तस्वीर सामने रखी।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने नेत्र रोग विभाग पहुंचकर मोतियाबिंद ऑपरेशन करा चुके बुजुर्ग मरीजों से बातचीत की। इस अवसर पर कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि ‘स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत स्वास्थ्य कर्मी गांव-गांव जाकर मोतियाबिंद के मरीजों की पहचान कर रहे हैं और उन्हें अस्पताल लाकर पूरी तरह नि:शुल्क ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। इस अभियान से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों की आंखों की रोशनी लौट रही है और उनके जीवन में नई उम्मीद जग रही है।
प्रभारी सचिव ने मरीजों और उनके परिजनों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी स्वयं जांच की और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने नवजात शिशुओं के लिए संचालित एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण कर बेड क्षमता बढ़ाने तथा सुविधाओं को और मजबूत करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं के बाद प्रभारी सचिव ने निर्माणाधीन नालंदा परिसर और सेंट्रल लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह आधुनिक लाइब्रेरी सुकमा के युवाओं के लिए बेहतर अध्ययन का केंद्र बनेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को नई दिशा देगी।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘सक्षम कोचिंग’ के माध्यम से पिछले वर्ष जिले के 78 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की। इस कोचिंग में युवाओं को सीजीपीएससी और व्यापम जैसी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी कराई जाती है।

प्रभारी सचिव का यह दौरा इस बात का प्रमाण बना कि सुकमा में स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण से जुड़ी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका लाभ आम लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है। मरीजों की संतुष्टि, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और युवाओं के भविष्य को संवारने के प्रयास सुकमा को विकास की नई दिशा दे रहे हैं।
