रायपुर – राजधानी रायपुर में B24Express की खबर का बड़ा असर देखने को मिला। नगर निगम की बड़ी लापरवाही को उजागर करने वाली खबर प्रकाशित होने के कुछ ही घंटों के भीतर प्रशासन हरकत में आ गया और देर रात अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर गलत जानकारी वाले बोर्ड को बदलवा दिया।
मामला शहीद हेमू कालाणी वार्ड का था। पार्षद कृतिका जैन के निवास की दिशा बताने वाले बोर्ड पर वार्ड क्रमांक 35 अंकित कर दिया गया था, जबकि वास्तविक वार्ड क्रमांक 28 है। इस गंभीर चूक को B24Express ने प्रमुखता से उठाया था और सवाल किया था कि आखिर नगर निगम में बिना जांच-पड़ताल के सरकारी बोर्ड कैसे लगाए जा रहे हैं।

खबर सामने आने के बाद नगर निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। देर रात संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुराने बोर्ड को हटाकर नया बोर्ड लगवाया, जिसमें शहीद हेमू कालाणी वार्ड क्रमांक 28 सही रूप से अंकित किया गया। इसका फोटो भी सामने आया है, जिससे स्पष्ट हो गया कि खबर का तत्काल प्रभाव पड़ा और गलती को सुधारा गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यदि मीडिया जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाए तो प्रशासन को जवाबदेह होना पड़ता है। जिस गलती को पहले नजरअंदाज किया गया था, वही मामला सार्वजनिक होने के बाद कुछ ही घंटों में सुधार दिया गया।

हालांकि, बोर्ड बदलने के बाद भी कई सवाल अब भी बाकी हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर गलत वार्ड नंबर वाला बोर्ड तैयार किसने कराया? उसे लगाने से पहले किस अधिकारी ने उसकी जांच की? यदि मीडिया इस मुद्दे को सामने नहीं लाती, तो क्या यह गलती इसी तरह वर्षों तक बनी रहती? सरकारी धन से तैयार किए गए बोर्ड में इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हो गई?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गलती सुधारना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन केवल बोर्ड बदल देना पर्याप्त नहीं है। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में जनता के पैसे से होने वाले कार्यों में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
B24Express लगातार जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहा है और इस मामले में भी खबर का त्वरित असर देखने को मिला। देर रात बदला गया यह बोर्ड इस बात का प्रमाण है कि सशक्त पत्रकारिता प्रशासन को अपनी गलती सुधारने के लिए मजबूर कर सकती है।
