रायपुर – महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चर्चित स्पोर्ट्स प्रेजेंटर और बिग बॉस-13 की पूर्व प्रतिभागी शेफाली बग्गा से रायपुर स्थित जोनल कार्यालय में करीब पांच घंटे तक पूछताछ की।पूछताछ के बाद मामले ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर ली हैं।
ईडी के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आए डिजिटल साक्ष्यों और ऑनलाइन प्रमोशनल सामग्री में शेफाली बग्गा कथित तौर पर विदेशों, विशेष रूप से दुबई और लंदन से संचालित ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स का प्रचार करती दिखाई दे रही हैं। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन प्रचार गतिविधियों का महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध था या नहीं।
जांच एजेंसी का दावा है कि शेफाली बग्गा का संबंध महादेव नेटवर्क से जुड़े कथित हवाला ऑपरेटर खंजन जगदीश कुमार ठक्कर से रहा है। ईडी इस कथित कनेक्शन के वित्तीय और डिजिटल पहलुओं की गहन जांच कर रही है। एजेंसी के अनुसार, डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और संभावित वित्तीय लेन-देन को खंगाला जा रहा है।
ईडी सूत्रों का यह भी दावा है कि शेफाली बग्गा केवल बेटिंग ऐप्स का प्रचार ही नहीं करती थीं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खिलाड़ियों को बेटिंग से जुड़े टिप्स भी उपलब्ध कराती थीं। जांच के दौरान ऐसे कई ऑनलाइन कंटेंट सामने आए हैं, जिनकी सत्यता और नेटवर्क से संबंधों की जांच जारी है।
इसके अलावा एजेंसी शेफाली बग्गा के एक टेलीग्राम चैनल की भी जांच कर रही है। आरोप है कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन बेटिंग से जुड़ी जानकारी और प्रचार सामग्री साझा की जाती थी। ईडी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गतिविधि के पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।
हालांकि, पूछताछ के बाद ईडी कार्यालय से बाहर निकलते समय शेफाली बग्गा ने मीडिया से बातचीत में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि उनका किसी भी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है और जांच एजेंसी के साथ वह पूरा सहयोग कर रही हैं।
शेफाली बग्गा स्पोर्ट्स एंकरिंग की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह कई बड़े क्रिकेट आयोजनों की मेजबानी कर चुकी हैं और बिग बॉस-13 में भी बतौर कंटेस्टेंट नजर आ चुकी हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।
फिलहाल महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच जारी है। एजेंसी का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और कथित नेटवर्क से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। वहीं, शेफाली बग्गा ने सभी आरोपों से इनकार किया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
