रायगढ़ – जिले के लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत कुपापानी शासकीय हाई स्कूल में मंगलवार को छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत नि:शुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व जिला अध्यक्ष रवि भगत अपने समर्थकों के साथ स्कूल पहुंच गए। उन्होंने वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए वितरण प्रक्रिया को बीच में ही रुकवा दिया और मौके पर उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़ गए।
जानकारी के अनुसार, राज्य शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नि:शुल्क साइकिलें वितरित की जा रही थीं। इसी दौरान रवि भगत ने आरोप लगाया कि छात्राओं को दी जा रही साइकिलें घटिया गुणवत्ता की हैं। उनका कहना था कि कई साइकिलों पर अलग-अलग कंपनियों के स्टिकर लगे हैं और बिना गुणवत्ता जांच के इन्हें छात्राओं को सौंपा जा रहा है।
रवि भगत ने मांग की कि जब तक संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर साइकिलों की गुणवत्ता की जांच नहीं करते, तब तक वितरण नहीं किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पहले छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए राशि दी जाती थी, ऐसे में अब सीधे साइकिल वितरण में गुणवत्ता से समझौता क्यों किया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और रवि भगत को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक चले हंगामे और विवाद के बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रवि भगत को हिरासत में ले लिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
इस पूरे घटनाक्रम के चलते स्कूल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। छात्राएं और अभिभावक भी असमंजस की स्थिति में दिखाई दिए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन पर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन गुणवत्ता संबंधी आरोपों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
