कवर्धा – B24Express द्वारा अमेरा आदिवासी कन्या छात्रावास में कक्षा 7वीं की छात्रा बबिता पन्द्राम की मौत और छात्रावास प्रबंधन की कथित लापरवाही का मामला प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्रावास अधीक्षिका श्वेता उइके को छात्रावास से हटा दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार, अमेरा आदिवासी कन्या आश्रम में कक्षा 7वीं की छात्रा की मृत्यु की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने तक छात्रावास अधीक्षिका श्वेता उइके को उनके वर्तमान पद से पृथक कर जिला कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, अतिरिक्त प्रभार कुपला नेताम, अधीक्षिका, आदिवासी कन्या आश्रम मुड़घुसरी (वि.खं. बोड़ला) को सौंपा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी।
गौरतलब है कि मृतक छात्रा बबिता पन्द्राम की 27 जुलाई की रात छात्रावास में तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि उस समय छात्रावास अधीक्षिका मौजूद नहीं थीं, जिससे बच्ची को समय पर उपचार नहीं मिल सका। उनका यह भी आरोप था कि रात में इलाज की व्यवस्था नहीं की गई और सुबह सूचना मिलने के बाद जब वे छात्रा को अस्पताल लेकर निकले, तब रास्ते में उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया था कि मामले को दबाने की कोशिश की गई और यदि समय रहते इलाज मिल जाता तो बबिता की जान बच सकती थी। इस पूरे घटनाक्रम को B24Express ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई।
अब जिला स्तरीय जांच समिति यह पता लगाएगी कि छात्रा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इलाज में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, और यदि जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल अधीक्षिका को हटाना पर्याप्त है, या जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई भी होगी? पूरे जिले की नजर अब जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
