रायपुर – साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस ने आमजन को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए “साइबर जागृति अभियान” की शुरुआत की है। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलने वाले सात सप्ताह के इस प्रदेशव्यापी अभियान के तहत पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रायपुर पुलिस ग्रामीण की टीम ने थाना मंदिर हसौद क्षेत्र के सेंध लेक के पास जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर करीब 300 नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए।
पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस टीम ने नागरिकों को मौजूदा समय में सामने आ रहे साइबर अपराधों की जानकारी दी। पुलिस ने समझाया कि थोड़ी सी सतर्कता बरतकर लोग अपनी मेहनत की कमाई और निजी जानकारी को साइबर ठगों के हाथों में जाने से बचा सकते हैं।

डिजिटल अरेस्ट से लेकर OTP फ्रॉड तक किया सचेत
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कस्टमर केयर, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, KYC अपडेट के नाम पर फ्रॉड, फर्जी लिंक और QR Code, सोशल मीडिया फ्रॉड, OTP फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड तथा निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से विशेष रूप से सावधान किया।
पुलिस ने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने अथवा अनजान QR Code स्कैन करने से भी बचें। निवेश के नाम पर असामान्य रूप से अधिक रिटर्न का लालच देने वालों से भी सतर्क रहने की अपील की गई।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने नागरिकों को यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो घबराने के बजाय तत्काल संबंधित बैंक और पुलिस को सूचना दें तथा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ सकती है।

सेल्फी फ्रेम के जरिए भी जागरूकता का संदेश
अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर साइबर जागरूकता संबंधी स्टैंडी और सेल्फी फ्रेम लगाए गए। सेल्फी फ्रेम में दिए गए लिंक अथवा QR Code को स्कैन कर जागरूकता संदेश के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया गया। इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा के संदेश को सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में करीब 300 नागरिकों ने सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जानकारी को उपयोगी बताते हुए अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

रायपुर पुलिस ग्रामीण ने नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि को नजरअंदाज न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल बैंक, पुलिस तथा 1930 साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
संदेश साफ है—साइबर ठगी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार जागरूकता और सतर्कता है।
