रायपुर – भारतीय जनता पार्टी ने संगठन स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए गुरुवार को कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) और प्रदेश महामंत्री (संगठन) के दायित्वों में बदलाव करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
नए बदलाव के तहत शिवप्रकाश को आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गोवा के साथ छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया गया है। वहीं कर्मवीर को छत्तीसगढ़ प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे अजय जामवाल को महाराष्ट्र का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय संगठन महामंत्री पवन साय को झारखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पार्टी ने अन्य राज्यों में भी संगठनात्मक बदलाव किए हैं। मधुकर को आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना, पवन राणा को दिल्ली एवं हरियाणा तथा चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश का प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया गया है।
कर्मवीर का लंबा संगठनात्मक अनुभव
छत्तीसगढ़ के नए प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाए गए कर्मवीर मूलतः उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 1993 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में अपने संगठनात्मक जीवन की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली से की थी।

कर्मवीर ने तहसील प्रचारक और नगर प्रचारक के रूप में कार्य करने के बाद फतेहपुर सीकरी (आगरा) एवं अलीगढ़ महानगर प्रचारक तथा मथुरा जिला प्रचारक की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वे एटा, अलीगढ़ और बरेली विभाग के विभाग प्रचारक रहे।
वर्ष 2015 में मेरठ प्रांत के सह प्रांत प्रचारक और वर्ष 2019 में ब्रज प्रांत के सह प्रांत प्रचारक की जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद वर्ष 2020 में भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) बने।
अगस्त 2022 से वे झारखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री (संगठन) के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब पार्टी ने उन्हें छत्तीसगढ़ में संगठन की कमान सौंपी है।
भाजपा के इस संगठनात्मक फेरबदल को विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों के पुनर्विन्यास के तौर पर देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ में कर्मवीर की नियुक्ति के साथ प्रदेश संगठन में नई टीम और नई कार्यशैली को लेकर भी राजनीतिक एवं संगठनात्मक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
