रायपुर – राजधानी में आगजनी की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेलीबांधा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक हार्डवेयर दुकान में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते पास स्थित ऑक्टोपस बार को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा।
घटना की सूचना मिलते ही तेलीबांधा पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए एक-दो नहीं बल्कि 13 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। करीब 7 घंटे की लगातार मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया।
तेलीबांधा थाना प्रभारी अजय झा ने बताया कि मंगलवार रात करीब 1 से 1:30 बजे पुलिस को आग लगने की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी होगी, हालांकि वास्तविक कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

आग से हार्डवेयर दुकान और ऑक्टोपस बार में भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
मेकाहारा अस्पताल में भी लगी थी आग
इसी दिन राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा में भी आगजनी की घटना सामने आई। मंगलवार दोपहर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अचानक आग लग गई, जिससे मरीजों और अस्पताल स्टाफ में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मेकाहारा में आग एसी फटने के कारण लगने की आशंका है। इस मामले की भी पुलिस जांच कर रही है।
एक ही दिन राजधानी में हुई दो बड़ी आगजनी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत उपकरणों की स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब दोनों मामलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे आग लगने के वास्तविक कारण सामने आ सकें।
