छत्तीसगढ़ – बहुचर्चित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) शराब घोटाले की जांच में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब कारोबारी अनवर ढेबर के करीबी सहयोगियों से जुड़े तीन प्रमुख ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई देर तक जारी रही, जहां दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की गहन जांच की गई।
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान अवैध वसूली से अर्जित रकम को बेनामी संपत्तियों में निवेश करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच में ऐसे पुख्ता रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कथित अवैध कमाई का उपयोग विभिन्न बेनामी प्रॉपर्टी खरीदने और अन्य निवेशों में किया गया।
EOW अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटाले से अर्जित धन किन-किन माध्यमों से जुटाया गया, उसका वास्तविक स्रोत क्या था और इस पूरे नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका रही। जब्त दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसी इस पूरे आर्थिक नेटवर्क की परतें खोलने में लगी हुई है।
गौरतलब है कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में सामने आए चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया था कि शराब कारोबारी अनवर ढेबर ने तत्कालीन आबकारी अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी के साथ मिलकर एक संगठित सिंडिकेट संचालित किया, जिसके जरिए कथित रूप से अवैध वसूली का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया गया।
इसी मामले में लगभग 6 हजार करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले की जांच के दौरान EOW ने पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और उनके पुत्र यश टुटेजा को भी आरोपी बनाया है। हालांकि, इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने फिलहाल पिता-पुत्र के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
अब EOW की ताजा छापेमारी को इस बहुचर्चित घोटाले की जांच में एक अहम कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसियां बरामद दस्तावेजों के आधार पर आर्थिक लेन-देन, बेनामी संपत्तियों और कथित लाभार्थियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे और नई कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
